
*कई किलोमीटर क्षेत्र समतल, संत समाज में बढ़ी चिंता*
*कई पेड़ पौधे और वनस्पतियां हुई नष्ट*
फुलेरा (दामोदर कुमावत) संत शिरोमणि संत दादू दयाल की मोक्षस्थली और दादू सम्प्रदाय की आस्था का प्रमुख केंद्र भैराणा धाम क्षेत्र में इन दिनों चल रही औद्योगिक गतिविधियों को लेकर संत समाज और स्थानीय लोगों में गहरी चिंता का बनी हुआ है। संत और श्रद्धालु इस पवित्र स्थल को अपने सम्प्रदाय का हरिद्वार मानते हैं,

जहां देश भर से लोग दर्शन के लिए कठिन एवं विहंगम स्थल पहुंचते हैं। संत समाज सेमली जानकारी के अनुसार सामने आया है कि भैराणा धाम के आसपास कई किलोमीटर क्षेत्र में भूमि को समतल किया जा कर औद्योगिक इकाइयो स्थापित किया जाना है । इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में पर्यावरण,प्राकृतिक वनस्पतियां नष्ट हो गई हैं तथा कई दुर्लभ पेड़-पौधों को भी हटाया गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे क्षेत्र की हरियाली और प्राकृति का संतुलन प्रभावित हो रहा है, वहीं इस क्षेत्र में वन्य जीवों के आवास और विचारण पर भी खतरा बढ़ गया है। संत समाज का कहना है कि धाम के आसपास भूमि आवंटन और विकास से जुड़े कार्यों के कारण संत दादू दयाल की समाधि स्थल सहित पूरे क्षेत्र की पवित्रता और पर्यावरण पर असर पड़ने की आशंका है। भैराणा धाम के आसपास का क्षेत्र पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है,

जहां मोर, सियार, लोमड़ी, नीलगाय और खरगोश सहित कई वन्य जीव निवास करते हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने भी चिंता जताते हुए बताया कि क्षेत्र में हो रही गतिविधियों का असर उनकी आजीविका पर पड़ सकता है, क्योंकि आसपास के कई परिवार पशुपालन पर निर्भर हैं। लोगों का मानना है कि भैराणा धाम की धार्मिक और पर्यावरणीय महत्ता को देखते हुए यहां किसी भी प्रकार के विकास कार्य में विशेष सावधानी बरतना आवश्यक है।
इनका कहना: टांका वाले महंत
गोविंदास जी महाराज ने बताया कि सरकार एवं उद्योग विभाग द्वारा संतो तपोभूमि पर औद्योगिक इकाइयां लगाने को लेकर भूमि को खुर्द किया गया यह अनैतिक है, औद्योगिक कार्यों के लिए सरकार के पास बहुत जमीन पड़ी है। जबकि यह भूमि 500 वर्षों से संतो महन्तो के तप से पावन और पवित्र के साथ हमारी संस्कृति का एक धाम है जहां पौराणिक, धार्मिक तथा मानव जीवन के लिए शांति व मोक्षदायिनी है। यहां का संत समाज, श्रद्धालु भक्तगण, नागरिकगण यहां पर किसी भी प्रकार की अन्य प्रक्रिया नहीं होने देंगे।

Author: Aapno City News




