
5 अप्रैल को जुटेंगे संत महंत श्रद्धालु और भक्तगण।
तप श्रद्धा त्याग और आस्था की महांस्थली को नहीं बदलने देंगे।
फुलेरा(दामोदर कुमावत)संत शिरोमणि संत दादू दयाल की मोक्षस्थली भैराणा धाम पहाड़ी एवं अधीनस्थ स्थली पर मंडरा रहे संकट को लेकर संत समाज और श्रद्धालुओं में गहरी चिंता व्याप्त है।

इस संबंध में समस्त संतों,महंतों एवं भक्तगणों द्वारा 5 अप्रैल 2026, रविवार को प्रातः 11 बजे श्री दादू पालकन जी भैराणा धाम पर एकत्रित होने का आह्वान किया गया है।
संत समाज का आरोप है कि औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने वाली संस्था रीको द्वारा इस पवित्र स्थल के आसपास जमीन आवंटित की जा रही है, जिससे संत दादू दयाल जी की समाधि स्थल और पूरे भैराणा धाम क्षेत्र को खतरा उत्पन्न हो गया है।

आयोजकों के अनुसार भैराणा धाम न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह पर्यावरणीय दृष्टि से भी अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है। यहां हजारों की संख्या में मोर, सियार, लोमड़ी, नीलगाय, खरगोश सहित अनेक वन्य जीव और पक्षी निवास करते हैं। इसके अलावा क्षेत्र में बड़ी संख्या में पेड़-पौधे एवं औषधीय वनस्पतियां भी मौजूद हैं, जिनके नष्ट होने की आशंका जताई जा रही है।संत समाज का कहना है कि यदि यहां औद्योगिक गतिविधियां शुरू होती हैं, तो इससे न केवल जैव विविधता को नुकसान पहुंचेगा बल्कि आसपास के ग्रामीणों की आजीविका पर भी विपरीत प्रभाव पड़ेगा, जो मुख्य रूप से पशुपालन पर निर्भर हैं।इस मुद्दे को लेकर “रीको भगाओ – भैराणा धाम बचाओ” के नारे के साथ संत समाज और पर्यावरण प्रेमियों ने एकजुट होकर आंदोलन करने का निर्णय लिया है। सभी भक्तों एवं प्रकृति प्रेमियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धाम की रक्षा के लिए सहयोग करने की अपील की गई है।

Author: Aapno City News



