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इलेक्ट्रिक चाक व मिट्टी गूंथने की मशीनों का निशुल्क वितरण। कुम्हार समाज को मिली नई ताकत।

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फुलेरा (दामोदर कुमावत)
राजस्थान सरकार के श्रीयादे माटीकला बोर्ड द्वारा पारंपरिक माटीकला को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में सांचोर में कौशल विकास एवं प्रशिक्षण शिविर का सफल आयोजन किया गया।

इस शिविर में कारीगरों और युवाओं को नए उपकरणों, डिजाइनिंग और मार्केटिंग की जानकारी देकर उनके हुनर को निखारा गया। प्रशिक्षण के पश्चात आयोजित वितरण कार्यक्रम में 17 चयनित लाभार्थियों को इलेक्ट्रिक चाक और मिट्टी गूंथने की आधुनिक मशीनें प्रदान की गईं। इन उपकरणों से अब कारीगर तेजी, बेहतर गुणवत्ता और कम मेहनत में उत्पादन कर सकेंगे, जिससे उनकी आय बढ़ने के साथ माटीकला को नई पहचान मिलेगी।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. राहुल राज ने कहा कि “कौशल विकास ही आत्मनिर्भरता की असली कुंजी है।” उन्होंने बताया कि सरकार कारीगरों को आधुनिक संसाधनों से जोड़कर उन्हें बाजार के अनुरूप सक्षम बना रही है।कार्यक्रम में मफत लाल, आर आई दीपाराम प्रजापत, भलाराम (अध्यक्ष कुंभकार मंडल सांचौर) एड. सगता राम प्रजापति, अमारा राम, मांगीलाल, प्र.अ. भला राम गोलासन, ट्रेनर गोपाल  प्रजापति, किस्तूरा राम, विनोद सिंह सहित गणमान्य नागरिक, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में लाभार्थी परिवार मौजूद रहे।

वक्ताओं ने माटीकला के संरक्षण और नई पीढ़ी से जुड़ाव पर जोर देते हुए इस तरह के आयोजनों को निरंतर जारी रखने की आवश्यकता बताई।
अंत में सभी ने राजस्थान सरकार और बोर्ड अध्यक्ष प्रहलाद राय टाक का आभार व्यक्त करते हुए इस पहल को कुम्हार समाज के लिए आत्मनिर्भरता की ओर एक मजबूत कदम बताया।

Aapno City News
Author: Aapno City News

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