
एक माह में कई घटनाएं, अस्पताल–विद्यालय–चौराहों पर बड़े छत्ते; प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
🖊 तेजाराम लाडणवा
मेड़तासिटी के राजकीय उच्च बालिका माध्यमिक विद्यालय में मगलवार को मधुमक्खियों के अचानक हुए हमले से विद्यालय के कर्मचारी भगवानाराम घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद स्कूल स्टाफ ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें टैक्सी के जरिए अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है।





घटना ने एक बार फिर शहर में बढ़ते मधुमक्खियों और पीले टांटियों (भिनभिनाने वाले खतरनाक कीट) के खतरे को उजागर कर दिया है। जानकारी के अनुसार, करीब 20 /25 दिनो पहले मेड़ता के अस्पताल परिसर में भी मधुमक्खियों के हमले से एक दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। वहीं कुछ दिन पहले एक शव यात्रा में शामिल लोगों पर भी मधुमक्खियों ने हमला कर दिया था, जिसमें कई लोग घायल हुए।
सार्वजनिक स्थानों पर बने खतरे के ठिकाने
शहर के अस्पताल, विद्यालय, कॉलेज, चौराहों, पानी की टंकियों और पेड़ों पर मधुमक्खियों और टांटियों के बड़े-बड़े छत्ते बने हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ये छत्ते कभी भी गिर सकते हैं या अचानक हमला हो सकता है, जिससे बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
बालिकाओं की सुरक्षा पर सवाल
विशेष चिंता का विषय यह है कि जिस विद्यालय में यह घटना हुई, वहां नन्हीं बालिकाएं रोजाना पढ़ने आती हैं। यदि हमले के समय छात्राएं चपेट में आ जातीं, तो बड़ा हादसा हो सकता था। ऐसे में अभिभावकों और नागरिकों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने जिला कलेक्टर, उपखंड अधिकारी, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न समितियों में शामिल जिम्मेदार व्यक्तियों से सवाल किया है कि सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा को लेकर उनकी भूमिका क्या है और अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं।
तत्काल कार्रवाई की मांग
नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि शहर के सभी सार्वजनिक स्थानों—विशेषकर विद्यालयों, अस्पतालों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों—से मधुमक्खियों और टांटियों के छत्तों को तुरंत हटवाया जाए, ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।

Author: aapnocitynews@gmai.com




