
🖊 तेजाराम लाडणवा
नागौर जिले में बुजुर्ग महिलाओं की हत्या के दो मामलों ने पुलिस की जांच व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मीरा नगरी मेड़ता सिटी में कुछ वर्ष पहले हुई छोटी देवी प्रजापति की हत्या का रहस्य आज तक नहीं खुल पाया है। ग्राम स्तर से लेकर जिला और प्रदेश स्तर तक कई बार प्रदर्शन हुए, लेकिन आरोपियों का पता लगना तो दूर, पुलिस अब तक हत्या के पीछे की सच्चाई भी सामने नहीं ला सकी।
छोटी देवी हत्याकांड की गुत्थी सुलझे बिना ही अब जिले में एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। नागौर जिले के डेगाना सर्किल के पालड़ी कला गांव में 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला नाथी देवी बावरी की निर्मम हत्या कर दी गई। जानकारी के अनुसार हत्यारों ने महिला की गर्दन काट दी और दोनों पैर भी अलग कर दिए। बाद में शव को बोरे में डाल दिया गया। महिला के शरीर पर पहने हुए जेवरात भी गायब बताए जा रहे हैं।
इस क्रूर वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। हालांकि दोनों घटनाएं अलग-अलग थाना क्षेत्रों की हैं—छोटी देवी का मामला मेड़ता सिटी थाना क्षेत्र का है, जबकि नाथी देवी का मामला डेगाना सर्किल का—लेकिन दोनों एक ही जिले नागौर से जुड़े होने के कारण पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
लोगों का कहना है कि यदि छोटी देवी हत्याकांड का समय रहते खुलासा हो जाता और अपराधियों तक पुलिस पहुंच जाती, तो शायद अपराधियों में भय पैदा होता। लेकिन सालों तक मामला फाइलों में उलझा रहने से अब लोगों के मन में यह डर भी बढ़ रहा है कि कहीं नाथी देवी हत्याकांड भी उसी रास्ते पर न चला जाए।
इधर नागौर में हाल ही में नए जिला पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा ने पदभार संभालते ही सख्त संदेश दिया है कि “नागौर में अब बदमाशी नहीं चलेगी, अपराधियों को या तो अपराध छोड़ना होगा या नागौर छोड़ना होगा।”
ऐसे में अब जिले के लोगों की निगाहें पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं। सवाल यह है कि क्या पुलिस नाथी देवी हत्याकांड का जल्द खुलासा कर पाएगी और साथ ही वर्षों से उलझे छोटी देवी प्रजापति हत्याकांड की फाइल भी खोलकर सच्चाई सामने ला पाएगी, या फिर यह मामला भी समय के साथ कागजों और फाइलों में ही दबकर रहे जाएगा।

Author: aapnocitynews@gmai.com



