
तेजाराम लाडणवा
मेड़ता सिटी।
मेड़ता सिटी के राजकीय चिकित्सालय में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब पर्ची काउंटर के पास लगे मधुमक्खियों के बड़े छत्ते से अचानक झुंड निकलकर वहां खड़े लोगों पर टूट पड़ा। मधुमक्खियों के अचानक हुए हमले से अस्पताल परिसर में भगदड़ मच गई और मरीज व उनके परिजन जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इस हमले में डॉक्टर, पुलिसकर्मी, पत्रकार और मरीजों सहित एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए।
जानकारी के अनुसार अस्पताल के पर्ची काउंटर पर मरीज और उनके परिजन पर्ची कटवाने के लिए कतार में खड़े थे। वहीं पास में टांटियों पर मधुमक्खियों का बड़ा छत्ता लगा हुआ था। अचानक मधुमक्खियों का झुंड बाहर बैठी भीड़ पर टूट पड़ा और लोगों को डंक मारने लगा। हमले से घबराकर लोग अस्पताल परिसर से बाहर भागने लगे, लेकिन मधुमक्खियां काफी दूर तक उनका पीछा करती रहीं।
इसी दौरान अस्पताल की मोर्चरी में एक युवक का पोस्टमार्टम किया जा रहा था, जहां डॉक्टर, चिकित्साकर्मी, मृतक के परिजन, पुलिसकर्मी और कुछ पत्रकार मौजूद थे। मधुमक्खियों के झुंड ने वहां खड़े लोगों पर भी हमला कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर और स्टाफ मोर्चरी से निकलकर पीछे वाले गेट से दौड़ते हुए अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे और किसी तरह अपनी जान बचाई।
मधुमक्खियों के हमले में मोर्चरी के बाहर मौजूद पुलिसकर्मी, पत्रकार और अन्य लोग भी चपेट में आ गए, जिससे कई लोगों को डंक लगे और वे घायल हो गए।
घटना के बाद घायल लोगों को तुरंत अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचाया गया, जहां चिकित्सालय स्टाफ ने प्राथमिक उपचार करते हुए इंजेक्शन लगाकर इलाज किया। वहीं कुछ लोग दर्द और घबराहट के कारण निजी अस्पतालों में जाकर भी उपचार करवाते नजर आए।
इस घटना ने जिला प्रशासन और अस्पताल प्रशासन की लापरवाही को भी उजागर कर दिया है। अस्पताल परिसर में लंबे समय से लगा मधुमक्खियों का बड़ा छत्ता हटाने की कोई कार्रवाई नहीं की गई, जबकि यहां रोजाना सैकड़ों मरीज इलाज के लिए आते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मेड़ता शहर के कई सार्वजनिक स्थानों—जैसे विद्यालय, कॉलेज, लाइब्रेरी और अन्य भवनों—पर भी मधुमक्खियों के बड़े-बड़े छत्ते लगे हुए हैं। यदि समय रहते इन्हें नहीं हटाया गया तो भविष्य में इससे बड़ा हादसा भी हो सकता है।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले एक शव यात्रा के दौरान भी मधुमक्खियों ने हमला कर दिया था, जिसमें दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए थे। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं होना लोगों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

Author: aapnocitynews@gmai.com





