
🖊 तेजाराम लाडणवा
मेड़ता सिटी। सनातन संस्कृति के गौरव, लोकनायक सिद्ध महर्षि महर्षि लोकमणि व्यास की दिव्य स्मृतियों को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से 8 मार्च 2026, रविवार को प्रातः 10:30 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक मीरा शोध संस्थान, मीरा स्मारक, मेड़ता सिटी में “लोकमणि साहित्य संगम” एवं पुस्तक विमोचन कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया जाएगा।
कार्यक्रम का आयोजन वैदिका आध्यात्मिक सेवा संस्थान, डेगाना द्वारा किया जा रहा है।
17वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में जन्मे महर्षि लोकमणि व्यास एक विलक्षण तपस्वी और सिद्ध महापुरुष माने जाते हैं। मान्यता है कि उन्होंने मेड़ता में गायत्री की दिव्य साधना के माध्यम से सूर्य की गति को स्थिर करने जैसा अद्भुत चमत्कार प्रदर्शित किया, जो उनके अलौकिक तपोबल का प्रमाण माना जाता है।
संस्कृत भाषा में 50 से अधिक ग्रंथों की रचना करने वाले इस महान विभूति को इतिहास में वह स्थान नहीं मिल पाया जिसके वे अधिकारी थे। जयपुर नगर की स्थापना के समय राजस्थानी ब्राह्मणों के ‘छः न्याति संघ’ के निर्माण में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।
इस अवसर पर वरिष्ठ लेखक आचार्य निरंजनप्रसाद पारीक द्वारा रचित ग्रंथ “श्री महर्षि लोकमणि व्यास” का विधिवत विमोचन किया जाएगा। यह ग्रंथ महर्षि लोकमणि व्यास के जीवन, तप, कृतित्व और योगदान पर आधारित पहला गहन शोध कार्य है, जो हिंदी और संस्कृत दोनों भाषाओं में तैयार किया गया है।
आयोजकों का उद्देश्य है कि वर्तमान पीढ़ी इस महान संत के आदर्शों से प्रेरणा लेकर अपने जीवन को उज्ज्वल बनाए तथा उनकी महान सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण सुनिश्चित हो।
समस्त मानवता के कल्याण हेतु समर्पित महर्षि लोकमणि व्यास को सामूहिक श्रद्धांजलि अर्पित करने और उनके विचारों के व्यापक प्रचार-प्रसार के संकल्प के साथ यह आयोजन एक ऐतिहासिक अवसर बनने जा रहा है।
आयोजन समिति ने समाज के सभी प्रबुद्धजनों, विद्वानों एवं श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस पुण्य कार्य में सहभागिता निभाने का आह्वान किया है।


Author: aapnocitynews@gmai.com




