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पेंशनर हितों की अनदेखी पर फूटा आक्रोश, 8वें वेतन आयोग पर उठे सवाल

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मेड़ता सिटी तेजाराम लाडणवा

राजस्थान पेंशनर समाज की उप शाखा मेड़ता की महत्वपूर्ण बैठक कार्यकारी अध्यक्ष दौलतराम गोदारा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में पेंशनर्स से जुड़े विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया गया तथा संगठन से जुड़े नए सदस्यों का स्वागत किया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए कार्यकारी अध्यक्ष दौलतराम गोदारा ने कहा कि पेंशनर्स की हर समस्या के समाधान के लिए संगठन प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि “संगठन में ही शक्ति है” और सभी पेंशनर्स को एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए आगे आना चाहिए।
सचिव हरिराम मातवा ने बजट घोषणा में 8वें वेतन आयोग से संबंधित पेंशनर हितों की अनदेखी पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पेंशनर्स की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है, जो चिंताजनक है। इस विषय को सांसद के माध्यम से लोकसभा में उठाने की बात भी बैठक में कही गई।
बैठक के दौरान सामाजिक एवं सांस्कृतिक विषयों पर भी चर्चा हुई। रतनलाल थानवी राजसा ने महाशिवरात्रि पर्व के महत्व पर प्रकाश डाला, जबकि नाथूराम सांखला ने ऋतु परिवर्तन के स्वास्थ्य व जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों की जानकारी दी।
त्रिलोकचंद कडेला ने मेड़ता में आयुष औषद्यालय खोलने की मांग उठाते हुए कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्थानीय स्तर पर आयुर्वेदिक चिकित्सा सुविधा आवश्यक है। वहीं फतेहराज भाटी ने सकारात्मक जीवन शैली और स्वस्थ दिनचर्या अपनाने पर जोर दिया।
बैठक में भवानीसिंह राठौड़, शिवदान मेघ, रामपाल कडेला, जगदीश जावा सहित कई सदस्यों ने अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर नौरत्नमल सैन एवं मोइनुद्दीन का नए सदस्य के रूप में स्वागत किया गया।
बैठक में पेमाराम जाखड़, हाजी शमशुद्दीन गौरी, लादूसिंह खातोलाई, धन्नाराम ठींगला, सोहनलाल विश्नोई, परमानंद, रामदेव चौधरी, हनुमानराम, रामरतन गहलोत सहित बड़ी संख्या में पेंशनर्स उपस्थित रहे।
बैठक का समापन संगठन की एकजुटता और पेंशनर हितों की रक्षा के संकल्प के साथ किया गया।

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