[darkmysite switch="1" width_height="45px" border_radius="30px" icon_width="20px" light_mode_bg="#121116" dark_mode_bg="#ffffff" light_mode_icon_color="#ffffff" dark_mode_icon_color="#121116"]

विश्व सामाजिक न्याय दिवस पर मेड़ता में विधिक जागरूकता शिविर‘न्याय आपके द्वार’ अभियान 10 मार्च तक बढ़ाया गया

SHARE:


मेड़तासिटी (तेजाराम लाडणवा)
विश्व सामाजिक न्याय दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मेड़ता द्वारा ग्राम खाखड़की में व्यापक विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में सचिव स्वाति शर्मा एवं चीफ एलएडीसीएस बलराम बेड़ा ने ग्रामीणों को सामाजिक न्याय और विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया।
सचिव स्वाति शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि सामाजिक न्याय का अर्थ केवल कानून के समक्ष समानता नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर, गरिमा, सुरक्षा और अधिकार उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि संविधान में निहित समानता का अधिकार, स्वतंत्रता का अधिकार एवं शोषण के विरुद्ध संरक्षण जैसे प्रावधान सामाजिक न्याय की मजबूत आधारशिला हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं, बच्चों, अनुसूचित जाति-जनजाति, श्रमिकों, दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों जैसे कमजोर वर्गों को विधिक संरक्षण प्रदान करना सामाजिक न्याय का मूल उद्देश्य है, ताकि वे बिना भय और भेदभाव के अपने अधिकारों का प्रयोग कर सकें। सामाजिक न्याय तभी सार्थक है जब न्याय सुलभ, त्वरित और किफायती हो।
इस अवसर पर ‘न्याय आपके द्वार’ अभियान की अवधि 10 मार्च तक बढ़ाए जाने की जानकारी भी दी गई। चीफ एलएडीसीएस बलराम बेड़ा ने कहा कि विधिक साक्षरता सामाजिक सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम है। जब नागरिक अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों से परिचित होते हैं, तभी वे अन्याय के विरुद्ध प्रभावी आवाज उठा सकते हैं। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण द्वारा लोक अदालत, प्री-लिटिगेशन निस्तारण, मध्यस्थता एवं निःशुल्क विधिक सहायता के माध्यम से अनेक मामलों का समाधान किया जा रहा है।
शिविर में उपस्थित प्रतिभागियों को नालसा हेल्पलाइन, महिलाओं के अधिकार, बाल संरक्षण, वरिष्ठ नागरिक संरक्षण अधिनियम, श्रम कानूनों तथा विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही ग्रामीणों की व्यक्तिगत समस्याएं सुनकर उन्हें आवश्यक विधिक मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया।
अंत में यह संदेश दिया गया कि सामाजिक न्याय की स्थापना सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। ‘न्याय आपके द्वार’ अभियान के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य है कि न्याय की पहुंच समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित हो और समानता, गरिमा एवं अधिकारों की भावना और अधिक सुदृढ़ हो।

Join us on:

Leave a Comment

शहर चुनें

Follow Us Now

Follow Us Now