
फुलेरा(दामोदर कुमावत)इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू, राज. सीटू, एक्टू सहित देशभर के 10 केंद्रीय श्रमिक संगठनों के आह्वान पर राजस्थान के विभिन्न जिलों में औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत श्रमिक, केंद्र सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों के विरुद्ध राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर रहे। जयपुर में कनकपुरा, बगरू, सीतापुरा, विश्वकर्मा, मानसरोवर, मालवीय नगर, दुर्गापुरा, बिंदायका आदि क्षेत्रों में स्थित फैक्ट्रियों के श्रमिकों ने हड़ताल में भाग लिया।

इस अवसर पर जयपुर मेट्रो स्टेशन से एक रैली निकाली गई जो आईटीसी,जल भवन,हसनपुरा, एनबीसी होते हुए श्रम आयुक्त कार्यालय पर पहुंची, जहाँ पर श्रमिकों ने केंद्र सरकार की नीतियों के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। इस अवसर पर उपस्थित श्रमिकों को श्रमिक नेता कुणाल रावत, एम. साईं बाबू, मुकेश माथुर, रवींद्र शुक्ला, घासी लाल शर्मा, रामपाल सैनी, बी. एम. सुंडा, मंजूलता, धर्मवीर चौधरी, आर. के. सिंह, भँवर सिंह, एम. एल. यादव, सुनीता, सुरजभान आमेरा, महेश शर्मा, हरेन्द्र सिंह, राकेश यादव, के एस अहलावत आदि ने संबोधित किया।

विभिन्न श्रमिक नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार ने कॉर्पोरेट घरानों के इशारे पर बिना श्रमिक संगठनों की आपत्तियों का निवारण किए ‘लेबर कोड’ जारी किए हैं। सरकार नई श्रम नीति बनाने जा रही है, जिसके मूल में ट्रेड यूनियन के अधिकारों को समाप्त करना है। मनरेगा श्रमिकों की गारंटी योजना को बदलने की नीति जो सरकार ने बनाई है, उससे लगभग 9 करोड़ श्रमिकों को 125 दिन का रोजगार एक जुमला ही साबित होगा; क्योंकि 125 दिन के रोजगार की गारंटी के लिए राज्य सरकार के अंश सहित 5 लाख करोड़ की आवश्यकता होगी, जबकि केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों के 40% अंश सहित मात्र 1.5 लाख करोड़ का प्रावधान बजट में रखा है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा की ओर सरकार का कोई ध्यान नहीं है एवं देशभर में न्यूनतम वेतन भी असमान रूप से श्रमिकों को मिल रहा है। केंद्र सरकार द्वारा लाये गए बीज विधेयक एवं बिजली (संशोधन) विधेयक 2025 देशभर के किसान एवं विद्युत उपभोक्ताओं के लिए घातक होंगे, इसलिए केंद्र सरकार को इन्हे लागू नहीं करना चाहिए।प्रदेश में जयपुर सहित हनुमानगढ़, सीकर, श्रीगंगानगर, नीम का थाना, उदयपुर, भीलवाड़ा, कोटा, बीकानेर, अजमेर, जोधपुर, खेतड़ी सहित विभिन्न जिलों के औद्योगिक क्षेत्रों के श्रमिकों ने हड़ताल में भाग लिया।

Author: Aapno City News




