
नानी बाई रो मायरो : भक्ति, भाव और बाल प्रस्तुतियों से सराबोर हुआ दूसरा दिन

बर/जैतारण
जैतारण क्षेत्र के बर स्थित सिद्ध आश्रम में आयोजित सिद्धाश्रम वार्षिक पाटोत्सव के अंतर्गत चल रही श्रीमद् भागवत कथा एवं नानी बाई रो मायरो के दूसरे दिन श्रद्धा, संगीत और भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। व्यासपीठ पर विराजमान मेड़ता की लाडली साध्वी इंदु कृष्णा जी महाराज की मधुर वाणी ने समूचे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
साध्वी इंदु कृष्णा जी महाराज ने स्थानीय भाषा में नानी बाई रो मायरो की कथा का भावपूर्ण वाचन करते हुए नरसी भगवान की पुत्र के विवाह,मे भगवान द्वारा भक्त की लाज रखने की लीलाओं का जीवंत वर्णन किया। कथा के दौरान जब नरसी भगवान के जीवन के मार्मिक प्रसंग आए, तो श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
कथा की विशेषता यह रही कि स्थानीय नन्हे-मुन्ने बालक एवं बालिकाओं ने नरसी भगवान, साधु-संतों और विवाह प्रसंग से जुड़े पात्रों के रूप धारण कर सजीव प्रस्तुतियां दीं। इन बाल प्रस्तुतियों ने कथा को केवल सुनने तक सीमित नहीं रखा, बल्कि श्रद्धालुओं को ऐसा अनुभव कराया मानो पूरी कथा आंखों के सामने साक्षात घटित हो रही हो। बच्चों की मासूम अदायगी ने सभी का मन मोह लिया।
एक ओर संगीत की मधुर ताल, दूसरी ओर साध्वी जी की भावस्पर्शी वाणी और तीसरी ओर बाल कलाकारों की जीवंत प्रस्तुतियां—इन तीनों के संगम ने श्रद्धालुओं को ऐसा बांधे रखा कि कोई भी कथा के दौरान अपनी जगह छोड़कर उठ नहीं सका। कथा के समापन तक पूरा पंडाल श्रद्धालुओं से खचाखच भर गया।
कथा के दौरान उपस्थित संत-महात्माओं का श्रद्धालुओं ने मालाएं पहनाकर आशीर्वाद प्राप्त किया, जिससे वातावरण और अधिक आध्यात्मिक हो गया।
कार्यक्रम में हैदराबाद, डेगाना, जैतारण, मेड़ता सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। साथ ही क्षेत्र के बच्चे, बालक-बालिकाएं एवं महिलाएं भी भारी संख्या में उपस्थित रहीं और नानी बाई रो मायरो की कथा का आनंद लिया।
आयोजकों ने बताया कि सिद्ध आश्रम में प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-अर्चना एवं कथा का क्रम विधिवत जारी है। कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं से आगामी दिनों में भी अधिक संख्या में पहुंचकर धर्मलाभ लेने की अपील की गई।

Author: aapnocitynews@gmai.com




