

मीरां नगरी मेड़ता में धर्म का अनुपम दृश्य
मेड़ता सिटी, तेजाराम लाडणवा
भगवान पाश्र्वनाथ तीर्थ, मेड़ता रोड पर तपोरत्न महोदधि आचार्य श्री हंसरत्नसूरीजी महाराज एवं प्रवचन प्रभावक आचार्य श्री तत्वदर्शनसूरीजी महाराज आदि ठाणा के पावन सान्निध्य में उपध्यान तपस्या का बीज बोया गया था। इस तप का फल, मेड़ता सिटी की नौ साहसी श्राविकाओं ने 47 दिनों तक साध्वी जैसा कठोर तप-त्याग धारण कर धर्म आराधना की। रविवार को उनका स्वागत बैंड-बाजों से हुआ, तो सोमवार को मेड़ता सिटी लौटते ही शोभायात्रा ने शहर को भक्ति के रंग में रंग दिया।ये तपस्विनियां चन्द्रकला सिंघवी, प्रमिला देवी झामड़, सूरज कंवर भड़गतिया, मंजू भांडावत, चंदू मेहता, सरला सिंघवी, उर्मिला नाहर, आशा कोठारी, एवं चन्दादेवी श्रीमाल। श्रीरघुनाथ जैन स्मृति भवन से प्रारंभ हुई भव्य शोभायात्रा मीरां मार्ग, चारभुजा चौक, पुराना हॉस्पिटल रोड, राव दूदा मार्ग जैसे मुख्य रास्तों से गुजरती जूना आदिनाथ भगवान मंदिर पहुंची। यात्रा में मेड़ता कृषि उपज मंडी के अध्यक्ष हस्तीमल डोसी, युवा समाजसेवी धनपत सिंघवी, युवा समाजसेवी पवन झामड, धनपतमल छाजेड़, रिकब चंद रांका, उद्यमी जगदीश मंत्री, गौतम झामड़, एडवोकेट नंदकिशोर कोठारी, गौतम कोठारी, समेत सैकड़ों श्रावक-श्राविकाएं शामिल हुए।यह तपस्या न केवल व्यक्तिगत विजय है, बल्कि समुदाय के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी। तपस्विनियों का सादगीपूर्ण जीवन युवाओं के लिए आधुनिक जीवनशैली के बीच त्याग का संदेश दे रहा है।

Author: aapnocitynews@gmai.com




