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संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में मेड़ता में विराट हिन्दू सम्मेलन, 31 जनवरी से 3 फरवरी तक होंगे विविध आयोजन

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मेड़ता सिटी  (तेजाराम लाडणवा )
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष समारोह के अंतर्गत प्रत्येक ग्राम व बस्ती स्तर पर हिन्दू सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में मेड़ता नगर में विराट हिन्दू सम्मेलन को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। आयोजन का उद्देश्य हिन्दू धर्म, संस्कृति, सामाजिक समरसता एवं राष्ट्र चेतना को और अधिक सशक्त करना है।
कार्यक्रमों की श्रृंखला का शुभारंभ 31 जनवरी को सायं 5:00 बजे मेड़ता नाथ जी के आश्रम विष्णु सागर के पास भूमि पूजन कार्यक्रम के साथ होगा। इस अवसर पर विधिवत पूजा-अर्चना कर सम्मेलन की आधारशिला रखी जाएगी।
इसी दिन 31 जनवरी को प्रातः 6:00 बजे नगर में भव्य प्रभात फेरी का आयोजन किया जाएगा। प्रभात फेरी इमली वाले बालाजी मंदिर से प्रारंभ होकर राम-धाम देवल, महावीर नगर, विष्णु सागर, जय श्री कॉलोनी, पटेल नगर, बागावास एवं किसान कॉलोनी होते हुए पुनः इमली वाले बालाजी मंदिर पहुंचकर प्रातः 7:30 बजे संपन्न होगी।
धार्मिक चेतना के जागरण हेतु 31 जनवरी को सायं 7:00 बजे नगर की विभिन्न बस्तियों में चार स्थानों पर सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया जाएगा। यह पाठ इमली वाले बालाजी मंदिर, रामधाम देवल माता जी मंदिर बागावास, बालाजी मंदिर महावीर कॉलोनी में एक साथ संपन्न होंगे।
आयोजन समिति के अनुसार 1 फरवरी से 3 फरवरी तक संघ के कार्यकर्ता घर-घर संपर्क अभियान चलाएंगे। इस दौरान निधि संग्रह के साथ-साथ महिलाओं को कलश यात्रा में सहभागिता हेतु श्रीफल, तथा हिन्दू सम्मेलन में आमंत्रण स्वरूप अक्षत प्रदान किए जाएंगे।
सम्मेलन का मुख्य आकर्षण 3 फरवरी को सायं 2:15 बजे आयोजित होने वाली भव्य कलश यात्रा रहेगी। कलश यात्रा रामधाम देवल से प्रारंभ होकर नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए मेड़ता नाथ जी के आश्रम पहुंचेगी, जहां इसका समापन होगा।
कलश यात्रा के उपरांत आयोजित संत सम्मेलन को दादू महाराज की छत्रियों के संत श्री हरिनारायण जी महाराज, मेवाड़ा के संत श्री लक्ष्मणदास जी महाराज सहित मेड़ता नाथ जी संबोधित करेंगे। संत सम्मेलन के पश्चात समस्त कार्यकर्ताओं एवं सेवाभावी बंधुओं के लिए महाप्रसादी की व्यवस्था भी रहेगी।
आयोजन समिति ने बताया कि संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर यह सम्मेलन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को धर्म, संस्कृति और राष्ट्रभाव से जोड़ने का एक सशक्त अभियान है। नगरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता करने का आह्वान किया गया है।

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