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सतगुरु के वचन बने जीवन का आधार, निरंकारी सत्संग में गूंजा सुखी जीवन का संदेश

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मेड़ता सिटी | (तेजाराम लाडणवा )
सेवकों के मोहल्ले में स्थित सनातन सत्संग भवन में रविवार को निरंकारी सत्संग का आयोजन हुआ। सत्संग की अध्यक्षता चंडीगढ़ से पधारे ज्ञान प्रचारक महात्मा पवन कुमार ने की।
इस अवसर पर निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज का संदेश देते हुए महात्मा पवन कुमार  ने कहा कि सभी धर्मग्रंथों में परमात्मा का वर्णन मिलता है। गीता, वेद, उपनिषद, पुराण, आरती और श्री गुरु ग्रंथ साहिब से उदाहरण प्रस्तुत करते हुए उन्होंने बताया कि परमात्मा को सतगुरु ही पहचान करा सकता है। परमात्मा को जानने से ही मनुष्य मृत्यु से मोक्ष की ओर अग्रसर हो सकता है। परमात्मा सर्वव्यापक है, परंतु सतगुरु के बिना उसे जान पाना संभव नहीं।
उन्होंने कहा कि आज निरंकारी सतगुरु परिवार में भक्ति, प्रेम, सत्कार और संस्कार की स्थापना कर रहे हैं। निरंकारी मिशन का संदेश है कि भक्ति, सेवा और सुमिरन की शुरुआत सबसे पहले अपने घर से होनी चाहिए। जिस घर में माता-पिता की सेवा और सत्कार होता है, वही घर वास्तव में स्वर्ग होता है।
महात्मा जी ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को सत्संग से जोड़ें, ताकि उनमें सेवा-भाव विकसित हो। उन्होंने कहा कि पत्नी और बहू को घर की लक्ष्मी मानकर सम्मान देना चाहिए तथा पत्नी भी पति के प्रति आदर और सहयोग की भावना रखे। जब घर का वातावरण प्रेम, सद्भाव और सम्मान से भरा होता है, तभी जीवन सुंदर बनता है।
उन्होंने यह भी कहा कि परमात्मा पूर्ण है और उसे जानने से ही जीवन में पूर्णता आती है।
कार्यक्रम में संयोजक महात्मा बालकिशन  ने सभी श्रद्धालुओं का स्वागत किया। सत्संग के पश्चात लंगर प्रसाद का वितरण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।

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