
फुलेरा (दामोदर कुमावत) मकर संक्रांति भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे दान, पुण्य और सेवा के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है। वर्ष 2026 की मकर संक्रांति के अवसर पर फुलेरा नगर में इस पावन परंपरा का एक प्रेरणादायी उदाहरण देखने को मिला, जब सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों ने मिलकर गौसेवा के माध्यम से मानवीय संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचय दिया।

इस अवसर पर फुलेरा के श्री राम नगर क्षेत्र में स्थित श्री हर सिद्ध हनुमान गौशाला में जय श्री राम सुंदरकांड मंडल तथा महिला मंडल सियाराम बाबा की बगीची के संयुक्त सहयोग से गोवंश सेवा हेतु एक लाख एक हजार एक रुपए का आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया। इस सहयोग राशि से गौशाला में दो पिकअप चारे एवं अन्य व्यवस्था करवाई गई, जिससे वहां संरक्षित गोवंश को पर्याप्त आहार उपलब्ध हो सका।

महिला मंडल की सक्रिय सदस्य उर्मिला देवी सुरोलिया ने बताया कि महिला मंडल द्वारा वर्षभर विभिन्न स्थानों पर भजन-कीर्तन आयोजित कर जो सहयोग राशि एकत्र की जाती है, उसे समाज सेवा और गौसेवा जैसे पुण्य कार्यों में समर्पित किया जाता है। इस सेवा कार्य में महिला मंडल की उर्मिला देवी सुरोलिया, मनफूल सैनी, मीरा कुमावत, हीरा सैनी, सोना देवी, देवकी नन्दन जांगिड़, कमल कुमावत तथा नवल किशोर सैनी ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
जय श्री राम सुंदरकांड मंडल के प्रतिनिधि महेश शर्मा ने गौसेवा को सबसे सच्ची सेवा बताते हुए कहा कि मंडल द्वारा श्रद्धालुओं से प्राप्त सहयोग राशि को सदैव जनकल्याण के कार्यों में लगाया जाता है।

इस अवसर पर मंडल के महेश शर्मा, दिनेश सुरोलिया, दिनेश सोनी, पुरुषोत्तम सोनी, मुकेश शर्मा, जयप्रकाश शर्मा, वीर सिंह, राजीव दत्त, राम गोपाल शर्मा, नरेंद्र कुमार, गिरधर गोपाल, नरेंद्र सिंह, मिश्रीलाल जांगिड़, देवकीनंदन जांगिड़, महेश कुमार एवं किशनलाल उपस्थित रहे और सभी ने एकजुट होकर गौसेवा में अपना योगदान दिया। गौशाला के महंत त्रिलोकी दास महाराज ने सभी सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के सहयोग से ही गौशालाओं का संचालन सुचारु रूप से हो पाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि जो भी व्यक्ति गौसेवा में सहयोग करता है, उसकी मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होती हैं और समाज में सेवा एवं सद्भावना की भावना प्रबल होती है। गौशाला समिति के सदस्य दिनेश सुरोलिया ने जानकारी दी कि विगत वर्षों में महिला मंडल एवं जय श्री राम सुंदरकांड मंडल के संयुक्त प्रयासों से अब तक साढ़े दस लाख रुपए से अधिक का सहयोग गौशाला को प्राप्त हो चुका है, जिससे गौवंश संरक्षण एवं सेवा कार्यों को निरंतर गति मिल रही है। इस प्रकार मकर संक्रांति का यह पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित न रहकर सेवा, समर्पण और सामाजिक एकता का प्रतीक बन गया। सभी सहयोगकर्ताओं की सामूहिक सहभागिता ने यह सिद्ध कर दिया कि जब समाज एकजुट होकर सेवा के मार्ग पर चलता है, तब पर्वों का वास्तविक उद्देश्य और महत्व पूर्ण रूप से साकार होता है।

Author: Aapno City News




