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गुड़िया स्टेशन में निःशुल्क नेत्र शिविर सम्पन्न — 68 मरीजों को मेड़ता सिटी आनंद हॉस्पिटल में हो रहे निःशुल्क ऑपरेशन, ग्रामीण सेवा भाव बन रहा उदाहरण

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रायपुर (ब्यावर) तेजाराम लाडणवा

गुड़िया स्टेशन स्थित बाबा रामदेव जी के मंदिर प्रांगण में  ग्रामीण अंचल में आंखों की रोशनी बचाने एवं मोतियाबिंद रोग से मुक्त करने के उद्देश्य से आयोजित निःशुल्क नेत्र जांच शिविर रविवार को सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। शिविर में 196 ग्रामीणों ने आंखों की जांच करवाई, वहीं 138 व्यक्तियों को निश्चित नजर के चश्मे मुफ्त वितरित किए गए। जांच के दौरान 68 मरीज ऑपरेशन के लिए चयनित हुए जिन्हें ग्रामीणों ने अपने निजी वाहनों से प्रेमपूर्वक मेड़ता सिटी स्थित आनंद हॉस्पिटल पहुंचाया।


आनंद हॉस्पिटल में निःशुल्क ऑपरेशन जारी
अस्पताल पहुंचने के बाद चयनित मरीजों की बिना टांके की आधुनिक तकनीक से मोतियाबिंद सर्जरी डॉक्टर नवरत्न सिंह के नेतृत्व में की जा रही है। साथ ही प्रत्येक मरीज को पोस्ट-ऑपरेटिव देखभाल के रूप में 7 दिन की दवाएं, काला चश्मा व अन्य जरूरी सामग्री निःशुल्क प्रदान की जा रही है।


अस्पताल परिसर में ऑपरेशन प्रक्रिया के दौरान मरीजों और उनके परिजनों के चेहरों पर खुशी और संतोष दिखाई दिया। ग्रामीणों ने कहा कि “कई वर्षों से आंखों में धुंधलापन था, परन्तु इलाज महंगा होने के कारण आगे नहीं बढ़ पाए। इस शिविर ने रोशनी की उम्मीद जगा दी।”
ग्रामीणों का उत्साह — समाज के लिए प्रेरक उदाहरण
इस शिविर में केवल चिकित्सा ही नहीं, बल्कि सेवा भाव का अद्भुत प्रदर्शन भी देखने को मिला। सामाजिक संस्था के रूप में ग्रामीणों द्वारा दुर्गा सिंह, दीपाराम सीरवी, शमसुखा, पूर्ण मेघवाल, महेंद्र सेन सहित कई स्वयंसेवियों ने दिनभर सेवा में योगदान दिया।निजी वाहनों से मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाना, फॉर्म भरना, भोजन-पानी की व्यवस्था, और मरीजों की देखरेख — यह सब मिलकर गांव में सामूहिक सेवा संस्कृति का सुंदर उदाहरण बना।
निःशुल्क चिकित्सा — गरीबों के लिए वरदान
नेत्र रोग विशेषज्ञों का मानना है कि मोतियाबिंद का समय पर ऑपरेशन न होने से कई ग्रामीणों में अंधत्व का खतरा बढ़ जाता है। ऐसी परिस्थितियों में निःशुल्क नेत्र शिविर और सरकारी योजना से मिलने वाली मदद गरीब व वरिष्ठ नागरिकों के लिए जीवन प्रकाश का कार्य करती है।
समाज के लिए संदेश
इस शिविर ने यह संदेश दिया कि —
“जहां सेवा की भावना होती है, वहां रोशनी खुद रास्ता बना लेती है।”
इसी प्रकार के शिविर यदि हर गांव व कस्बे में आयोजित हों तो हजारों लोग धुंधली दुनिया के बजाय उज्ज्वल जीवन देख सकते हैं। समाज, ट्रस्ट, अस्पताल और सरकारी संस्थाओं का यह संयुक्त मॉडल राष्ट्रीय स्तर पर अपनाने योग्य है।
समापन पर ग्रामवासियों का आभार
शिविर के आयोजकों व ग्रामवासियों ने आनंद हॉस्पिटल सेवा समिति, निर्देशक नवरत्न सिंह, आई स्पेशलिस्ट डॉ विक्रम सिंह पिटु गुगडवाल और जितेंद्र सैनी नरेश बालोटिया दिनेश सौलकी जिला अंधता निवारण समिति एवं

सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने बिना शुल्क सेवा करते हुए ग्रामीणों की आंखों में आशा की रोशनी भरी।

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