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रामगढ़ के गौरव अनिल कुमार प्रजापत को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार 2024टेराकोटा कला में उत्कृष्ट नवाचार के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू ने किया सम्मानित

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मेडतासिटी (तेजाराम लाडणवा )
रामगढ़ की समृद्ध शिल्प परंपरा को नई पहचान दिलाते हुए स्थानीय युवा कारीगर अनिल कुमार प्रजापत को राष्ट्रीय पुरस्कार 2024 से सम्मानित किया गया। नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित भव्य समारोह में भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मूर्मू ने अनिल को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया।

अनिल पिछले कई वर्षों से पारंपरिक मिट्टी एवं टेराकोटा कला में प्रयोग और नवाचार करते आए हैं। उनकी कलाकृतियाँ भारतीय सांस्कृतिक विरासत की गहराई और आधुनिक रचनात्मकता का ऐसा संगम प्रस्तुत करती हैं, जिसकी कला विशेषज्ञों ने विशेष रूप से सराहना की है।

सम्मान प्राप्त करने के बाद अनिल ने भावुक होकर कहा—
“यह पुरस्कार सिर्फ मेरा नहीं, बल्कि पूरे रामगढ़ की शिल्प परंपरा का सम्मान है। यह मुझे और समर्पण और लगन के साथ काम करने की प्रेरणा देता है।”

पुरस्कार की घोषणा होते ही रामगढ़ में खुशी की लहर दौड़ गई। कारीगर समुदाय और स्थानीय लोगों ने इसे क्षेत्र की ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उल्लेखनीय है कि उनके बड़े भाई श्री ओमप्रकाश गालव को भी वर्ष 2010 में तत्कालीन राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया था।

रामगढ़ की कला-संरक्षण यात्रा में यह उपलब्धि न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक मजबूत मिसाल बन गई है।

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