



नागौर जिले के रियांबड़ी तहसील में पटवारियों की मनमर्जी के कारण 18 पंचायतों के लोगों को अभावग्रस्त घोषित सूची से वंचित होना पड़ा है। जबकि क्षेत्र में 90 प्रतिशत फसल खराब हो गई थी और विधायक लक्ष्मणराम कलरू व एसडीएम पूनम चौधरी ने निरीक्षण कर नुकसान माना था।
पटवारियों ने बीमा कंपनी के साथ मिलीभगती कर सिर्फ चार गांवों को अभावग्रस्त घोषित किया है, जबकि क्षेत्र के अन्य गांवों में भी भारी नुकसान हुआ था। ग्रामीणों ने एसडीएम व कलेक्टर को ज्ञापन दिया है और पटवारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पटवारियों की गड़बड़ी के उदाहरण:
- सथानी व केरिया माकड़ा पड़ोसी गांव हैं, लेकिन सथानी को अभावग्रस्त माना गया जबकि केरिया माकड़ा को नहीं।
- डेगाना की मेवड़ा को अभावग्रस्त माना गया जबकि रियांबड़ी के पादूकलां को नहीं, जबकि दोनों गांवों में पास-पास खेत पानी से भरे थे।
ग्रामीणों का आरोप:
- पटवारियों ने कंपनी के साथ मिलीभगती कर किसानों को नुकसान पहुंचाया है।
- सरकार की घोषणा का फायदा सिर्फ चार गांवों के लोगों को ही मिल सकेगा, जबकि अन्य गांवों के लोगों को वंचित होना पड़ेगा।
अधिकारी का बयान:

- लिलियां प्रशासक रामदेव बांता ने कहा कि पटवारियों की मनमर्जी से नुकसान हुआ है, बख्शेंगे नहीं।
- एसडीएम पूनम चौधरी ने निरीक्षण कर नुकसान माना था, लेकिन पटवारियों ने खराबा की रिपोर्ट नहीं दी।
Author: aapnocitynews@gmai.com





