
कुचामन सिटी के व्यापारी रमेश रुलाानिया हत्याकांड मामले में पुलिस ने शनिवार को चार मुख्य आरोपियों की परेड निकाली

जब आरोपियों की परेड निकली तो इस दौरान जो आरोपियों की दशा थी इस दशा को देखने के बाद शायद ही इस क्षेत्र में कोई रोहित गोदारा या वीरेंद्र चारण का शूटर बनने की हिमाकत करेगा जो हालत इन शूटरों की हुई है उसके बाद संभवतया इस क्षेत्र में नए शूटर मिलने इनको मुश्किल है और पुलिस ने इसीलिए यह तरीका इस्तेमाल किया होगा शनिवार को जब आरोपियों का रिमांड पूरा हुआ तो पुलिस ने इनकी परेड निकाली और इस परेड के दौरान सार्वजनिक रूप से यह पता चला कि गोली चलाने वाले गणपत गुर्जर धर्मेंद्र गुर्जर महेश व जुबेर अहमद चलने की हालत में भी नहीं है विशेषकर गणपत गणपत की हालत पुलिस ने ऐसी कर डाली जिसके बारे में गणपत ने या गैंगस्टर रोहित गोदारा और वीरेंद्र चारण ने कल्पना भी नहीं की होगी गणपत ना तो पैर से सलामत रहा ना हाथों से सलामत रहा ऐसी ही दशा जुबेर की हुई और इस पूरी जब परेड की प्रक्रिया पुलिस ने लोगों के सामने की तो लंगड़ाते हुए गणपत को सहारा देने के लिए धर्मेंद्र व महेश यह दोनों उसे पकड़े हुए थे लेकिन इनमें जो दो आरोपी थे इन दोनों की भी हालत खराब दिखी ना तो गणपत सही दिखा ना बाकी तीनों और गणपत की दशा तो बिल्कुल वीडियो में साफ दिख रही है कि वह पूरे रास्ते चिल्लाता चीखता हुआ दर्द से कराता हुआ नजर आ रहा था संभवतया उसके पैर में जो बड़ा फैक्चर आया इस कारण उसकी यह दशा हुई है डीडवाना की एसपी रिचा तोमर के नेतृत्व में कुचामन सिटी के डीएसपी अरविंद बिश्नोई व एसएओ सतपाल सिंह की टीम ने रिमांड अवधि के दौरान वाकई में रिमांड लिया है यह आज की परेड से दिखा है आमतौर पर रिमांड अवधि को इस नजरिए से देखा जाता है कि पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ करती है लेकिन यह वाकई में रिमांड लग रहा है और पता चल रहा है कि पुलिस जब अपने पर आती है तो रिमांड कुछ इस तरीके से लेती है और कंधे का सहारा देने के बावजूद भी गणपत चल नहीं पा रहा था यह वही गणपत है जिसने एक व्यापारी की गोली मारकर जान ले ली थी तीन गोलियां गणपत ने चलाई थी जिसमें एक गोली रमेश रुलानिया को लगी और उनकी जान चली गई गैंगस्टर रोहित गोदारा और वीरेंद्र चारण के भरोसे या उनके द्वारा दिखाए गए सपने के कारण इन भटके हुए नौजवानों ने एक निर्दोष व्यापारी को मार डाला अब वही घटना इनको इतनी भारी पड़ रही है जिसकी इन्होंने सपने में भी कल्पना नहीं करी होगी संभवतया रोहित गोदारा और वीरेंद्र ने इन्हें लाखों रुपए का लालच दिया होगा विदेश सेटल करने का सपना दिखाया होगा बड़ा गैंगस्टर बनाने का भी सपना दिखाया होगा लेकिन आज इनकी जो हालत है उससे पता चलता है कि यह क्या बनने चले थे और पुलिस ने इनको क्या बना के छोड़ दिया चारों में से एक भी सही सलामत नहीं है सभी के पैर लंगड़ा रहे ऐसा लगता है कि जगह-जगह से यह टूटे हैं इनके पैरों में फैचर आए हैं और पुलिस ने एक मैसेज देने की कोशिश करी है कि इस पूरे क्षेत्र में अगर गैंगस्टरों के चक्कर में फंसकर कोई नौजवान किसी की जान लेता है या फायरिंग करता है या फिरौती के लिए कॉल करता है तो उसका नतीजा कुछ ऐसा ही निकलने वाला है इस पूरे मामले में एसपी रीचा तोमर और पुलिस की टीम ने जो कारवाई की है या जिस तरीके से पुलिस इन शूटरों के साथ पेश आई है उसके जरिए राजस्थान की पुलिस ने विदेश से ऑपरेट करने वाले गैंगस्टरों को बड़ा साफ मैसेज दे दिया है एसपी रिचा तोमर डीएसपी अरविंद बिश्नोई के नेतृत्व में पुलिस ने पूरे टाइम पूछताछ की और एसएओ सतपाल सिंह की भूमिका भी इसमें अहम रही चाहे शूटरों का रिमांड हो या इनसे की गई पूछताछ इस पूरे में इन अधिकारियों की अहम भूमिका रही है अब पुलिस के सामने चुनौती है उस जीतू चारण को गिरफ्तार करना जो इनको ऑपरेट कर रहा था जो इनका हैंडलर था इसके अलावा बाकी के जो अहम किरदार है रोहित गोदारा और वीरेंद्र चारण वह विदेश में बैठे हैं उनको लाना सबसे बड़ी चुनौती है लेकिन अभी पुलिस का फोकस जीतू चारण को गिरफ्तार करने पर है और दबी से भी दी जा रही

Author: aapnocitynews@gmai.com





