

मेड़ता सिटी के चारभुजा चौक के पास एक फर्श मिला, जिसमें भारी संख्या में रुपए और जरूरी डॉक्यूमेंट थे। इस फर्श को एक भांड परिवार की बिटिया सरोज ने उठाया और उसमें से पता किया कि यह किसका है। उसे पता चला कि यह रजक सोनी नाम के व्यक्ति का है।
बिटिया सरोज ने तुरंत अपने घर पहुंचकर घर के सामने रहने वाले धनराज सोनी को बताया कि आपके समाज का एक मेड़ता का बंधु है जिसका रोड पर गिर गया है। धनराज सोनी ने अपने समाज के ग्रुप में डाला, तो पता लगा कि आयुर्वैदिक डॉक्टर दिनेश कुमार सोनी के पुत्र का है, जो मुंबई में सर्विस करते हैं और दीपावली पर आए हुए हैं।
बिटिया सरोज पिता मदनलाल भाटी ने बीए फाइनल तक शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में मरुधर डिफेंस स्कूल में शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं। उनके पिताजी एक मजदूर वर्ग के व्यक्ति हैं और मजदूरी करते हैं।
आज डॉ. दिनेश सोनी जब सुबह धनराज सोनी के साथ उस महिला के घर पहुंचे, तो महिला खुशी से झूम उठी। डॉ. दिनेश सोनी ने कहा कि मैं आज इतना खुश हूं कि जिस प्रकार भारत देश बदल रहा है, उसी प्रकार भारत में रहने वाले हमारे भाई-बहनों का हृदय भी बड़ा विशाल परिवर्तन हो रहा है। उन्होंने बिटिया को आशीर्वाद दिया और कहा कि मां लक्ष्मी का प्रसाद लाकर चढ़ना और संपूर्ण परिवार को खिलाना।
बिटिया की मां ने भी इस मौके पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने अपनी बेटी को ईमानदारी और नैतिकता के मूल्यों को सिखाया है। बिटिया की मां ने कहा कि हमने अपनी बेटी को हमेशा सिखाया है कि ईमानदारी सबसे अच्छी नीति है और हमें हमेशा दूसरों की मदद करनी चाहिए।
इस बिटिया ने साबित कर दिया कि ईमानदारी जिंदगी है और यह किसी जाति या धर्म से नहीं, बल्कि व्यक्ति की इच्छा शक्ति से जुड़ी होती है। डॉ. दिनेश सोनी ने कहा कि इस बिटिया के परिवार ने जो संस्कार दिए हैं, वह आज के समय में बहुत बड़ी बात है।
बिटिया की ईमानदारी और योग्यता को देखकर यह कहा जा सकता है कि वह अपने छात्रों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत होगी। एक शिक्षिका के रूप में, वह अपने छात्रों को ईमानदारी और नैतिकता के मूल्यों को सिखाएगी और उन्हें एक बेहतर भविष्य के लिए तैयार करेगी।

Author: aapnocitynews@gmai.com




